Saturday, 29 December 2018

चार साहिबजादों का शहीदी सप्ताह देश भर के गुरुद्वारों में मनाया गया

पूरे देश के गुरुद्वारों में शहीदी सप्ताह मनाया गया है| शहीदी सप्ताह गुरु गोविंद सिंह जी के चारों पुत्रों के मुगलों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे, इसलिए दिसम्बर के आखरी सप्ताह में बनाए जाता है। दो बड़े साहिबजादे अजीत सिंह और जुझार सिंह चमकोड़ की घड़ी में मुगलों से लोहा लेते हुए और अपने कौशल  का प्रमाण देते हुए शहीद हुए थे और दो छोटे साहबजादे को वजीर खान ने सिरहिन्द की  दीवारों में ज़िंदा चुनवा दिया था| पूरा सिख समुदाय इस शहीदी सप्ताह को बड़े ही भावपूर्ण ढंग से बनाता है और पूरे सप्ताह अपने गुरुओं की कुर्बानी को याद करता है|
वहीं दूसरी तरफ देश में यह मांग उठनी शुरू हो गई है कि बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह जी के चारों पुत्रों के याद में बनाया जाए इस मांग की शुरूआत मुनीष वत्स नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने की थी परंतु अब इसमें भाजपा के बड़े-बड़े नेता भी शामिल होकर अपनी राजनीतिक रोटियां भी सेकनी  शुरू करदी हैं।

1 comment:

  1. अन्धेरे में उजाला केवल एक दीपक कर सकता है।परंतु उसके प्रकाश का लाभ सभी उठाते हैं।अफसोस उस प्रकाश से अपना हित चाहने वाले ,स्वयं दीपक न बन सके ।ये सौभाग्य आपको मिला है,मुनीश जी ।गुरु महाराज की कृपा से यश केवल उसके अधिकारी को ही मिलता है,चाहे पंक्ति कितनी ही लम्बी क्यों न हो।

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