Thursday, 21 January 2016

आखिर, दिल्ली के बीआरटी कॉरिडोर को तोड़ने की नौबत क्यों आई?

दिल्ली के मूलचंद से आंबेडकर नगर के बीच बनाए गए बीआरटी कॉरिडोर का निर्माण वर्ष 2008 में शीला दीक्षित सरकार ने करवाया था। बीआरटी कॉरिडोर बनाने में 150 से 180 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। बीआरटी कॉरिडोर का निर्माण बसों को तेज़ी से चलाने के लिए किया गया था।
 बीआरटी कॉरिडोर पर चलने वाले कुल वाहनों में से सिर्फ तीन फीसदी ही बसें होती हैं। यानी जिसने भी बीआरटी का सपना देखा उसने ठीक से रिसर्च नहीं किया। खराब डिज़ाइन और मैनेजमेंट की वजह से जल्दी ही दिल्ली का बीआरटी कॉरिडोर पूरी तरह असफल साबित हो गया। खराब मैनेजमेंट के चलते बीआरटी कॉरिडोर की वजह से लंबा जाम लगने लगा।

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