Tuesday, 5 May 2015

नारद जयंती - पत्रकार दिवस

Image Courtesy - devonkedevmahadev.wikia.com

देवर्षि नरद मुनि का नाम आते ही आँखों के सामने एक मुनि वेशधारी, हाथों में वीणा और करतल लिए नारायण-नारायण का जाप करते हुए ऋषि की छवि बन जाती है|

हिन्दू शास्त्रो के अनुसार नारद जी ब्रह्मा जी के सात मानस पुत्रों में से एक हैं और विष्णु प्रभु की कठिन तपस्या करके उन्होंने ब्रह्मर्षि पद प्राप्त किया था। देवर्षि नारद को विश्व का प्रथम संवाददाता (जर्नलिस्ट) भी माना जाता है। नारद जी को तीनों लोको मे विचरण करने की आज़ादी थी। इसलिए नारद मुनि तीनों लोकों में घूम घूमकर सूचनाओं का आदान प्रदान करते थे। नारद मुनि सदा देवताओं की समस्याओं का निवारण किया करते थे और असुरों के नाश के लिए देवताओं को समय समय पर उपाय भी बताया करते है। नारद मुनि को भविष्य का जानकार भी माना जा सकता है। हर युग मे नारद मुनि ने अपनी भूमिका निभाई है और धर्म की प्रगति के लिए उन्मुख रहे हैं|

हिन्दू शास्त्रो के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख मास के शुक्ल पख की पूर्णिमा) के अगले दिन यानि ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को नारद जयंती के रूप मे मनाया जाता है। लेकिन अगर प्रतिपदा तिथि न हो तो बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही नारद जयंती भी मनाई जाती है ।

नारद जयंती को 'पत्रकार दिवस' के रूप मे भी मनाया जाता है ।


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