Wednesday, 22 April 2015

22 अप्रैल: पृथ्वी दिवस (Earth Day) - विशेष



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22 अप्रैल का दिन पृथ्वी दिवस (Earth Day) के रूप मे मनाया जाता है। इस दिन का प्राथमिक उद्देश्य लोगो मे जागरूकता लाना है जिससे पृथ्वी को प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से बचाया जा सके।  आज ग्लोबल वार्मिंग हमारे सामने एक गंभीर समस्या है जैसे कि उत्तरी ध्रुव की ठोस बर्फ़ का कई किलोमीटर तक पिघलना, सूर्य की पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी तक आने से रोकने वाली ओज़ोन परत में छेद होना, भयंकर तूफ़ान, सुनामी और भी कई प्राकृतिक आपदाओं का होना।

प्रदूषित वातावरण के कारण पृथ्वी अपना प्राकृतिक रूप खोती जा रही है। पृथ्वी के सौंदर्य को जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर व बेतरतीब फैले कचरे ने नष्ट कर दिया है। पर्यावरण प्रदूषण की समस्या विश्व में बढ़ती जनसंख्या तथा औद्योगीकरण एवं शहरीकरण में तेज़ी से वृद्धि के साथ-साथ ठोस अपशिष्ट पदार्थों का सही तरीके से  निकास/प्रक्रिया/निपटान  न होने के कारण विकराल होती जा रही है।  वाहनो का अत्यधिक प्रयोग, संसाधनो का सही तरह से पुनः उपयोग न करना और साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता न होना इस समस्या को लगातार बढ़ा रहे हैं । 
पर्यावरण को सबसे अधिक नुकसान सुविधाओं से ही हुआ है । मनुष्यों की सुविधा के लिए बनाई गयी पॉलीथीन/प्लास्टिक जिसका  आज के समय सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है पृथ्वी के लिए सबसे अधिक हानिकारक है । नष्ट न होने के कारण यह भूमि की उर्वरक क्षमता को यह  खत्म कर रही है;  इनको जलाने से निकलने वाला धुआँ ओज़ोन परत को तो नुकसान पहुँचाता है साथ ही विषैली गैसो का उत्सर्जन होने से मनुष्यों मे भी सांस, त्वचा आदि की बीमारियाँ होने की आशंका बढ़ जाती है। प्रतिवर्ष लाखों पशु-पक्षी पॉलीथीन के कचरे से मर रहे हैं; लोगों में कई प्रकार की बीमारियाँ फैल रही हैं; भूगर्भीय जलस्रोत दूषित हो रहे हैं। 
जलवायु परिवर्तन यानि ग्लोबल वार्मिंग के लिए समस्त मानव जाति ज़िम्मेदार है। आधुनिक सुविधाओ के इस्तेमाल से हम पृथ्वी के लिए  नए-नए खतरे उत्पन्न कर रहे हैं । प्रतिदिन घटती हरियाली व बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण प्रकृति का मौसम चक्र भी अनियमित हो गया है। किसी भी ऋतु का कोई निश्चित समय नहीं रह गया है। हर वर्ष तापमान में हो वृद्धि हो रही है, बारिश की मात्रा कम हो रही है।  अब समय आ गया है कि प्रत्येक मनुष्य अपनी ज़िम्मेदारी समझे और को एकजुट होकर पृथ्वी को बचाने के उपाय करें  इसमें प्रशासन, सामाजिक संगठन, स्कूल, कॉलेज सहित सभी को भागीदारी निभानी होगी।

बचाने के उपाय
  • बाज़ार जाते समय साथ में कपड़े का थैला, जूट का थैला या बास्केट ले जाएँ और पॉलीथिन थैलों का इस्तेमाल करने से बचें । पॉलीथिन के थैलों को एक बार इस्तेमाल कर फेंकने के स्थान पर उनका पुन: प्रयोग करने का प्रयास करे। 
  • पानी को भी पुनः उपयोग करें।  सब्जियाँ धोने के बाद पानी को पोधों मे डाल सकते हैं ।  बारिश के पानी को स्टोर करें । ऐसे ही अनेक तरीको से पानी को पुनः प्रयोग करें । 
  • औद्योगिक इकाइयों से निकालने वाले अपशिष्ट पदार्थो के निष्पादन के उपाय करें जिससे की इनको नदी के पानी मे जाने से रोका जा सके और नदियों को बचाया जा सके। 
  • अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ और कागज का कम से कम उपयोग करें।  जहां तक हो सके पेपर को दोनों तरफ से इस्तेमाल करें। 
  • निजी वाहनो का जहां तक हो सके कम से कम प्रयोग करें।  
  • जितना हो सके हर वस्तु को पुनः उपयोग करने की कोशिश करें। 
  • उपयोग न होने की स्थिति मे बिजली के उपकरण बंद कर दें । 
पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिए सभी के प्रयासो  और साथ की आवश्यकता है।  सभी के मिले जुले प्रयासो से ही धरती की गरिमा को बरकरार रखा जा सकता है।  यह प्रयास केवल एक दिन के लिए ही नहीं प्रति दिन के लिए होना चाहिए और आज के दिन हम सभी को यह प्रण करना चाहिए कि जहां तक हो सके धरती को प्रदूषण से बचाने का प्रयत्न करेंगे।
ट्विटर पर भी  #EarthDay आज की चर्चा का विषय है,जाने क्या ट्वीट्स किए गये हैं इस विषय पर: 

#EarthDay पर धरा करे पुकार, बचा लो उसे, गर रोकना हो हाहाकार...~ @newsflickshindi
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Optimizing buildings to be energy efficient is just step 1—accurate measurement of energy savings is key http://on.jci.com/1ES5GBJ  #EarthDay ~ @JCI_BEnews 

Happy #EarthDay!!! Get outside, breath in the fresh air and appreciate the amazing #planet we live on.. @EmilyKristina1
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A small change eventually leads to a big change! Let every living day be an #EarthDay & continue doing our bit!  ~ @ranveerbrar

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