Wednesday, 25 March 2015

आईटी रिटर्न की हार्डकोपी भेजने से मिल सकती है छुट्टी


करदाताओं को ऑनलाइन भरी गई रिटर्न की एक प्रति विभाग को भेजने से शीघ्र ही छुटकारा मिल सकता है क्योंकि आयकर विभाग एक नई ग्राहक सत्यापन प्रणाली पेश करने जा रहा है जिसके तहत उन्हें तात्कालिक पासवर्ड (ओटीपी) भेजा जाएगा। इसके साथ ही रिटर्न फार्म में उनके आधार नंबर को भी शामिल किया जाएगा। 

मौजूदा व्यवस्था के तहत करदाता को अपना आईटीआर-वी (वेरिफिकेशन) फार्म डाक से आयकर विभाग के बेंगलुरु स्थित सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) में भेजना होता है। आयकर विभाग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के जरिए इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला किया है। सीपीसी के डायरेक्टर तथा इनकम टैक्स कमिशनर आर. के. मिश्रा ने कहा कि वे एक ऐसी प्रणाली  बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिससे करदाताओं को आईटीआर-वी की कागजी प्रति नहीं भेजनी होगी।' उन्होंने कहा, 'हम ई-फाइलिंग को करदाताओं के लिए पूरी तरह निर्बाध व सुगम बनाना चाहते हैं।' 

आईटीआर-वी की कागजी प्रति नहीं भेजनी की प्रणाली को समाप्त करने का मुख्य कारण है : अनेक करदाताओ द्वारा विभाग से यह शिकायत करना कि उन्होंने अपने आईटीआर-वी की प्रति 'स्पीड या पंजीकृत डाक' के जरिए भेजे जाने इसके बावजूद सीपीसी से इसके 'नहीं मिलने' का संदेश मिलता है। 

सीपीसी के डायरेक्टर ने कहा कि विभाग ने इन कदमों को शुरू करने का खाका पहले ही सीबीडीटी को दाखिल कर दिया है। इन्हें शीघ्र ही किर्यान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईटी रिटर्न की ई फाइलिंग को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए शीघ्र ही एक नया कॉलम होगा जिसमें करदाता का आधार नंबर दर्ज होगा। विभाग ने पिछले साल आईटीआर में एक नया कॉलम शुरू किया था जिसमें करदाता व्यक्तिगत मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके प्रति करदाताओं ने अच्छी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आधार से आईटीआर और अधिक सुरक्षित होगा तथा अनूठी व विशिष्ठ पहचान भी मिलेगी। हालांकि यह 'अनिवार्य' नहीं होगा।

(एनबीटी)

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