Tuesday, 24 March 2015

प्रगति: जनता की समस्याओ से रूबरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को जनता की शिकायतें सुनने के लिए एक नई वेबसाइट लॉन्च करेंगे। केंद्र सरकार के लिए भ्रष्टाचार अभी भी सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है और इसी वजह से प्रधानमंत्री कार्यालय ने मौजूदा पब्लिक वेब इंटरफेस को 'प्रगति' (प्रोऐक्टिव गवर्नेंस ऐंड टाइमली इम्प्लिमेन्टेशन) नाम के नए पोर्टल से रिप्लेस कर दिया है। प्रधानमंत्री विडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद से हर महीने केंद्रीय सचिवों और मुख्य सचिवों के साथ बातचीत करते हैं और इस पोर्टल को उसी दौरान लॉन्च किया जाएगा। 

मनमोहन सिंह के समय में 'पीएमओ सीपीग्राम्स' के नाम से पोर्टल चलाया जाता था और इसमें भ्रष्टाचार का कॉलम बनाया गया था। नए पोर्टल को अब पहले के मुकाबले और अधिक आसान बना दिया गया है। भ्रष्टाचार की कैटिगरी में अब नौ अन्य प्रकार के भ्रष्टाचारों को शामिल किया गया है। इसकी मदद से संबंधित विभाग में किस तरह का भ्रष्टाचार हो रहा है, उसे लेकर शिकायत दर्ज की जा सकती है। टेलिकॉम, रेलवे, डिपार्टमेंट ऑफ फाइनैंशल सर्विसेज, मिनिस्ट्री ऑफ पावर, पेट्रोलियम, हेवी इंडस्ट्रीज, अर्बन डिवेलपमेंट, रोड ट्रांसपोर्ट, रूरल डिवेलपमेंट और अन्य कई डिपार्टमेंट्स को शामिल किया गया है। 

इन सभी विभागों मे सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार की संभावनाएं होती हैं। डिपार्टमेंट्स और भ्रष्टाचार के कैटिगरी की मदद से यूजर्स को सही तरीके से अपनी शिकायतों को सरकार तक पहुंचाने का मौका मिलेगा। मसलन उत्पीड़न के मामले को अल्पसंख्यक, एससी/एसटी, बैकवॉर्ड क्लासेज, महिलाएं, बच्चों, विकलांगें और अन्य की कैटेगरी में बांटा गया है। पुलिस थीम के तहत कई सब कैटिगरी हैं, जिसमें भ्रष्टाचार, अत्याचार और पुलिस की निष्क्रियता जैसे कई मामलों का जिक्र किया गया है। 

नई व्यवस्था में ब्यूरोक्रैटिक और तकनीकी सपोर्ट का खास ध्यान रखा गया है ताकि किसी समस्या को जल्द से जल्द निपटाया जा सके। पीएमओ की तरफ से उठाए जाने वाले सभी मुद्दों को प्रगति दिवस से एक हफ्ते पहले अपलोड कर दिया जाएगा और यह काम हर महीने के तीसरे बुधवार को किया जाएगा। केंद्रीय सचिवों और मुख्य सचिवों को उन मामलों पर प्रगति दिवस से पहले वाले सोमवार तक अपनी प्रतिक्रिया देनी होगी। आखिरकार प्रधानमंत्री विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हर महीने की बुधवार को सुलझाई गईं समस्याओं के बारे में संबंधित विभाग के सचिव से बात करेंगे। समस्या का समाधान किए जाने तक प्रधानमंत्री की टिप्पणी सिस्टम में अपडेटेट रहेगी। पोर्टल को इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि हर तरह की शिकायतों को सुना जा सके और फिर उस पर कार्रवाई की जा सके।

(एनबीटी)

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