Wednesday, 25 March 2015

पर्यावरण और गौनाइल


केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्री मंत्री मेनका गांधी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को गौमूत्र निर्मित 'गौनाइल' ( फर्श क्लीनर) के इस्तेमाल पर जोर दिया है। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों को पत्र लिखकर कहा कि इसका उपयोग सरकारी कार्यालयों में किया जाना चाहिए। उन्होंने कारण बताया कि फिनाइल पर्यावरण के लिहाज से हानिकारक है जबकि गौ नाइल पर्यावरण के अनुकूल है और केंद्रीय भंडार में'गौनाइल' का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। 

महीने की शुरूआत में भेजे गए पत्र में मेनका ने जिक्र किया है कि मैं आपसे अनुरोध करूंगी कि आपके मंत्रालय में अभी इस्तेमाल किए जा रहे फिनाइल, जो रासायनिक तौर पर पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, की जगह अब आप 'गौनाइल' का इस्तेमाल शुरू करें। हालांकि फिनाइल एक सस्ता द्रव्य है जिसे सरकारी दफ्तरों या घरों में फर्श और शौचालयों की सफाई के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। जानकारी के मुताबिक गौनायल का 'होली काऊ फाउंडेशन' नाम के एक एनजीओ की ओर से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मेनका गांधी इसी के इस्तेमाल पर जोर दे रही हैं। फिनाइल जैसा सिंथेटिक आधार न होने के चलते 'गौनाइल' को पर्यावरण के लिए लिहाज से अच्छा बताया जा रहा है।

No comments:

Post a Comment