Friday, 13 February 2015

आज है विश्व रेडियो दिवस

आज है विश्व रेडियो दिवस यानि आकाशवाणी से जुड़ी यादों का दिन। लोग बरसो से रेडियो सुनते आ रहे हैं। रेडियो सुनने का मज़ा ही अलग है। आप कहीं भी रहें, आप हमेशा रेडियो से जुड़े रह सकते हैं और रेडियो पर आने वाले विभिन कार्यक्रमों का आनंद ले सकते है। साथ ही साथ रेडियो सुनते हो अपना काम भी कर सकते है। रेडियो से मनोरंजन के साथ साथ देश विदेश की जानकारी भी मिलती रहती है खबरों के माध्यम से। कुछ वर्षो पहले जब टीवी का चलन ज्यादा नहीं था तब लोग रेडियो पर आने वाले विभिन कार्यक्रमों से ही आनंद का अनुभव करते थे। विविध भारती जो 1368 MHz पर आया करता था और अभी भी आता है उस पर सभी वर्गो के लिए कार्यक्रम आया करते थे/आते भी हैं लेकिन समय के साथ साथ इन कार्यक्रमों का रूप बदल गया है लेकिन अभी भी रेडियो सुनने वाले श्रोताओ की संख्या बहुत है। आज विश्व रेडियो दिवस पर लोग अपने अपने समय के प्रसिद्ध कार्यक्रमों को याद कर रहे हैं। टिवीटर पर आकाशवाणी से जुडी यादें के लिए #RememberingAIR ट्रेंड मे है- जाने क्या हैं रेडियो के बारे मे लोगो के विचार : 

ॐ N.S.SAGAR ॐ ‏@nehrusinghsagar : नमस्कार मै विविध भारतीय से बोल रहा हुं आप कुछी देर मे समाचार सुनेगे
 एकान्त ‏@ekaantt : समाचार, संगीत, खेल कमेंट्री, ड्रामे सबकुछ होते हैं , फर्क है आप देखकर समझते हैं और रेडिओ में हम सुनकर समझते हैं | 
Ishwar Kandpal ‏@IshwarKandpal : ये आकाशवाणी का नज़ीमाबाद केंद्र है, अगला प्रसारण हमारे दिल्ली केंद्र से रिले होगा..कृपया प्रतीक्षा करें.... 
Pawan Bishnoi ‏@pawanbishnoi11_: सैकड़ो पोस्टकार्ड लिखे, फरमाइसी कार्यक्रम में अपना नाम सुनने के लिए। जब नाम सुना तो होठों पर मुस्कान और आँख में पानी... 
Amar Kishore Thakur ‏@IamAmarThakur :: हर सुबह पौने 6 बजे, रेडियो पर आने वाली "वंदे मातरम" की धुन और उसके बाद भक्ति संगीत वंदना, हर एक का दिन बना जाती थी।
क्रिकेट मैच का जो रोमांच रेडियो से मिला, उसके आगे टीवी पर मैच का आनंद कुछ भी नहीं ।"ये लगा डाबरलाल दंतमंजन चौका" 
Ashutosh Singh ‏@jairajputana89 : फौजी भाइयो के लिए जयमाला और राजनांदगांव से सुरेन्द्र वीरेंद राजेन्द्र सुरेन्द्र गीत सीता के फरमाइशी गीत आज भी गुदगुदाते हैं 
Subhash Sharma ‏@ssharma1161 : दिल्ली की भीड़ और जाम में आज भी रेडियो का उतना ही महत्त्व हँ जितना वर्षो पहले होता था

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