Friday, 2 January 2015

ई-गवर्नेस के अंतर्गत शुरू की गई 10 स्कीम

भारत सरकार ने ई-गवर्नेस को बढ़ावा देते हुए ऎसी 10 स्कीम्स शुरू की जिससे लंबी कतार में लगे बिना ऑनलाइन ही सारे काम किए जा सकते हैं। 1. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 8 दिसंबर को कर्नाटक मोबाइल वन नामक देश का पहला मोबाइल गवर्नेस प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। आईओएस और एंड्रॉइड समेत सभी प्लेटफॉर्म्स पर चलने वाली इस स्कीम के जरिए अपने फोन से ही बिल भरे जा सकते है, इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स भरा जा सकता है, रेलवे टिकट खरीदी जा सकती है आईटीआर भरी जा सकती है। यह 4500 सर्विसेस देता है।

2. पेंशनर्स की शिकायतें सुनने के लिए वेब-बेस्ड पेंशनर्स पोर्टल लॉन्च किया गया। इस पर पेंशनर्स को रिटायरमेंट और पेंशन से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सूचना देता है। इसक अलावा सरकार ने संकल्प नाम के अभियान की भी शुरूआत की है जिसके जरिए पेंशनर्स सामाजिक गतिविधियों से जुड़ सकते हैं।

3. भारत सरकार ने चिप मेकर इंटेल के साथ मिलकर डिजिटल स्किल ट्रेनिंग एप जारी किया जिसमें डिजिटल लिट्रेसी, फाइनेंशियल इंक्लूजन, हैल्थ केयर और क्लीनलीनेस पर पांच भारतीय भाषाओं में जानकारियां दी गई हैं। यह एप एंड्रॉयड प्ले स्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध है। इसके अलावा इंटेल भारत सरकार के साथ मिलकर 1000 पंचायतों को डिजीटल लिट्रेसी देने का काम करेगी जिससे वर्ष 2015 के अंत तक पांच मि लियन भारतीयों को फायदा मिल सकेगा।

4. महाराष्ट्र के प्रिजन डिपार्टमेंट ने प्रिज्म की शुरूआत की। यह भारत के जेलों के लिए पहला ई-गवर्नेस प्रोग्राम है। येरवाडा जेल में नवंबर में इसकी शुरूआत हुई। इसमें 24 मॉड्यूल्स इंस्ट्रॉल किए गए जिसमें हर कैदी की जेल में आने की तारीख से लेकर जेल से रिहा होने तक की तमाम जानकारी रखी गई है। यही नहीं जेल में लगे टच-स्क्रीन क्यॉस्क से कैदी अपनी सारी जानकारी आसानी से देख भी सकते हैं।

5. रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) ने तेलंगाना में नई एसएमएस सर्विस शुरू की जिससे स्टाफ और नागरिक आसानी से सारा डाटा देख सकते हैं। इसमें नागरिकों की ओर से किया गया लेटेस्ट ट्रांजेक्शन, टेक्स पेमेट, नए व्हीकल का रेजिस्ट्रेशन और अन्य जानकारी देख सकते हैं।

6. ऑडिशा सरकार ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) को लॉन्च किया जिसके जरिए एफआईआर ऑनलाइन ही रजिस्टर की जा सकती है और क्रिमिनल्स के रिकॉर्ड पर भी नजर रखी जा सकती है। इसके जरिए देशभर के सभी पुलिस स्टेशन से डाटा कलेक्ट, स्टोर, रिट्रीव, एनेलाइज, ट्रांसफर और शेयर किया जा सकता है। पहले फेज में यह सिस्टम ओडिशा के 550 पुलिस स्टेशंस में इंस्टॉल किया गया है।

7. सितंबर में पेपरलेस ई कैबिनेट मीटिंग होल्ड करने वाला आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य बना। ई कैबिनेट एप इस्तेमाल कर राज्य के मंत्रियों ने मीटिंग का सारा डाटा और एजेंडा एक्सेस किया।

8. महाराष्ट्र सरकार ने अगस्त में यह सुविधा जारी की जिसके तहत लोग प्रॉपर्टीज के लिए ई-रजिस्टर कर सकते हैं। यह सुविधा उन हाउसिंग सोसायटी पर लागू होती है जिनके पास 200 से ज्यादा घर हैं। इसके लिए बिल्डर के ऑफिस से ही प्रॉपर्टी का ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।

9. इस साल हैदराबाद ने मोबाइल वोटर ई-रेजिस्ट्रेशन की शुरूआत की जिसके तहत वोटर्स का ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन किया गया। इसके तहत बिना लंबी कतार में लगे युवाओं ने मोबाइल वोटर ई-रेजिस्ट्रेशन वैन के जरिए वोटर आईडी के लिए ऑनलाइन ही रजिस्टर किया।

10. महाराष्ट्र सरकार ने सर्टिफिकेट, डिग्री आदि जैसे जरूरी दस्तावेजों को संभालकर रखने के लिए ऑनलाइन रीपोजिट्री डेवलप की। महा डिजिटल लॉकर के तहत अपने तमाम जरूरी दस्तावेजों को ऑनलाइन सेव किया जा सकता है और जब भी जरूरत पड़े इस ई-लॉकर से दस्तावेज अटैच किए जा सकते हैं।


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