Thursday, 4 December 2014

भारतीय नौसेना दिवस

भारतीय नौसेना, भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है जो अपने गौरवशाली इतिहास के साथ भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की रक्षक है। 55,000 नौसैनिकों से सुसज्जित यह विश्व की पाँचवी सबसे बड़ी नौसेना है जो भारतीय सीमा की सुरक्षा को प्रमुखता से निभाते हुए विश्व के अन्य प्रमुख मित्र राष्ट्रों के साथ सैन्य अभ्यास में भी सम्मिलित होती है। भारतीय नौसेना प्राद्वीपीय भारत के 6,400 किलोमीटर लंबे समुद्रतट की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार है।

आधुनिक भारतीय नौ सेना की नींव 17वीं शताब्‍दी में रखी गई थी, जब ईस्‍ट इंडिया कंपनी ने एक समुद्री सेना के रूप में ईस्ट इण्डिया कम्पनी की स्‍थापना की और इस प्रकार 1934 में रॉयल इंडियन नेवी की स्‍थापना हुई। 26 जनवरी 1950 को भारत गणतंत्र बना और इस दिन भारतीय नौसेना ने अपने नाम के सामने से रॉयल नाम को त्याग दिया। उस समय भारतीय नौसेना में 32 नौ-परिवहन पोत और लगभग 11,000 अधिकारी और नौसैनिक थे। भारतीय नौसेना के पहले कमांडर-इन-चीफ़, रियल एडमिरल आई.टी.एस. हॉल थे। पहले भारतीय नौसेनाध्यक्ष (सी.एन.एस.) वाइस एडमिरल आर.डी. कटारी थे, जिन्होंने 22 अप्रॅल 1958 को कार्यभार संभाला।

भारतीय नौ सेना का मुख्‍यालय नई दिल्ली में स्थित है और यह मुख्‍य नौ सेना अधिकारी- एडमिरल के नियंत्रण में होता है। भारतीय नौ सेना 3 क्षेत्रों की कमांडों के तहत तैनात की गई है, जिसमें से प्रत्‍येक का नियंत्रण एक फ्लैग अधिकारी द्वारा किया जाता है।

पश्चिमी नौ सेना कमांड का मुख्‍यालय अरब सागर में मुम्बई में स्थित है।
दक्षिणी नौ सेना कमांड केरल के कोच्चि (कोचीन) में है तथा यह भी अरब सागर में स्थित है।
पूर्वी नौ सेना कमांड बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में है।

आई.एन.एस. 'विक्रांत' भारत का पहला विमानवाही पोत था। इसे 1961 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया और जनवरी 1997 में सेवामुक्त कर दिया गया। दो अन्य विध्वंस जहाज़ आई.एन.एस. 'डेल्ही' और आई.एन.एस. 'मैसूर' भारतीय नौसेना के गौरव हैं। आई.एन.एस. 'विराट', जिसे भारतीय नौसेना में 1986 में शामिल किया गया। भारत का दूसरा विमानवाही पोत बन गया।

नौसेना का कार्यक्षेत्र

भारतीय नौसेना का (स्वतंत्र अर्द्ध सैनिक सेवा, भारतीय तटरक्षक (इंडियन कोस्ट गार्ड)) भारत के समुद्रवर्ती और अन्य राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण योगदान है। द इंडियन मॅरीन स्पेशल फ़ोर्स (आई.एम.एस.एफ़.) भारतीय नौसेना का नया विभाग है जिसका श्रीलंका में, श्रीनगर के आस-पास झीलों पर गश्त, और कारगिल के 'ऑपरेशन विजय' के दौरान महत्त्वपूर्ण योगदान था ।

नौसेना प्राकृतिक आपदाओं जैसे चक्रवाती तूफ़ान, बाढ़ आदि के समय तलाश और बचाव अभियानों में जान-माल की रक्षा जैसी उपयोगी सेवाएँ उपलब्ध कराती है।

भारतीय नौसेना अपनी प्रशिक्षण संस्था, नेवॅल एकैडमी, कोच्चि में चलाती है। सभी महत्त्वपूर्ण नौसेनिक अड्डों में अस्पताल चलते हैं, जिनमें सबसे बड़ा मुंबई का इंडियन नेवॅल हॉस्पिटल स्टेशन (आई.एन.एच.एस.) है। द नेवल वाइव्ज़ वेलफ़ेयर एसोसिएशन (एन.डब्ल्यू.डब्ल्यू.ए) भारतीय नौसेना का एक संगठन है, जो नौसेना के जवानों से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों में शामिल होता है।


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