Wednesday, 3 December 2014

जन्मदिन /पुण्यतिथि

जन्मदिन


डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसम्बर, 1884 मे बिहार प्रान्त के गाँव जीरादेयू में हुआ। राजेन्द्र प्रसाद बेहद प्रतिभाशाली और विद्वान व्यक्ति थे। वे भारत के प्रथम राष्ट्रपति (26 जनवरी, 1950 से 13 मई, 1962) थे। ये भारत के एकमात्र राष्ट्रपति थे जिन्होंने दो कार्यकालों तक राष्ट्रपति पद पर कार्य किया।

इनकी मृत्यु 28 फ़रवरी, 1963 मे सदाकत आश्रम, पटना मे हुई ।

नंदलाल बोस या नंदलाल बसु का जन्म 3 दिसम्बर, 1882 में मुंगेर ज़िला, बिहार में हुआ था। ये एक प्रसिद्ध चित्रकार थे। नंदलाल बोस ने संविधान की मूल प्रति का डिजाइन बनाया था। इनके प्रसिद्ध चित्रों में है--'डांडी मार्च', 'संथाली कन्या', 'सती का देह त्याग' इत्यादि है। नंदलाल बोस ने चित्रकारों और कला अध्यापन के अतिरिक्त इन्होंने तीन पुस्तिकाएँ भी लिखीं—रूपावली, शिल्पकला और शिल्प चर्चा। ये अवनीन्द्रनाथ ठाकुर के प्रख्यात शिष्य थे। उन्हें डी. लिट्. की उपाधि से भी सम्मानित किया। 1954 में भारत सरकार द्वारा ‘पद्मविभूषण’ सम्मान मिला ।

नंदलाल बोस का 16 अप्रैल, 1966 में देहांत हो गया था।

खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर, 1889 को बंगाल में मिदनापुर ज़िले के हबीबपुर गाँव में हुआ। भारतीय स्वाधीनता संग्राम के क्रांतिकारियों की सूची में एक नाम खुदीराम बोस का है। भारतीय स्वाधीनता के लिये मात्र 19 साल की उम्र में ये फाँसी पर चढ़ गये। इनकी शहादत से समूचे देश में देशभक्ति की लहर उमड़ पड़ी थी। इनके साहसिक योगदान को अमर करने के लिए गीत रचे गए और इनका बलिदान लोकगीतों के रूप में मुखरित हुआ। इनके सम्मान में भावपूर्ण गीतों की रचना हुई जिन्हें बंगाल के लोक गायक आज भी गाते हैं।

11 अगस्त, 1908 को इस वीर क्रांतिकारी को फाँसी पर चढा़ दिया गया।

यशपाल जी हिन्दी के यशस्वी कथाकार और निबन्धकार थे। यशपाल जी का जन्म 3 दिसम्बर, 1903 ई. में फ़िरोजपुर छावनी, पंजाब में हुआ था। यशपाल जी राजनीतिक तथा साहित्यिक, दोनों क्षेत्रों में क्रान्तिकारी रहे हैं। उनके लिए राजनीति तथा साहित्य दोनों साधन हैं और एक ही लक्ष्य की पूर्ति में सहायक हैं। इनकी मुख्य रचनाएँ हैं - वो दुनिया, दिव्या, देशद्रोही, फूलों का कुर्ता, पिंजरे की उड़ान, ज्ञानदान.. .। इन्हे रीवा सरकार ने 'देव पुरस्कार' (1955), सोवियत लैंड सूचना विभाग ने 'सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार' (1970), हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग ने 'मंगला प्रसाद पारितोषिक' (1971) तथा भारत सरकार ने 'पद्म भूषण' की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया ।

यशपाल जी का सन् 26 दिसंबर, 1976 ई. में निधन हो गया।

मिताली राज का जन्म 3 दिसम्बर 1982 मे जोधपुर, राजस्थान मे हुआ । मिताली भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी हैं। टेस्ट क्रिकेट मैच में दोहरा शतक बनाने वाली पहली महिला है। मिताली राज को सन् 2003 में 'अर्जुन पुरस्कार' प्रदान किया गया।

पुण्यतिथि


मेजर ध्यान चन्द का जन्म 29 अगस्त, 1905, मे प्रयाग (इलाहाबाद) मे हुआ । ध्यानचंद जी एक भारतीय हॉकी खिलाड़ी थे, जिनकी गिनती श्रेष्ठतम कालजयी खिलाड़ियों में होती है। इन्हे हॉकी का जादूगर नाम से भी जाना जाता है । ओलम्पिक खेलों में भारत को लगातार तीन स्वर्ण पदक (1928, 1932 और 1936) दिलाने में मेजर ध्यानचन्द का अहम योगदान है। 1956 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके जन्मदिन को भारत का राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित किया गया है। इसी दिन खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। भारतीय ओलम्पिक संघ ने ध्यानचंद को शताब्दी का खिलाड़ी घोषित किया था।

विश्व हॉकी जगत के शिखर पर जादूगर की तरह छाए रहने वाले मेजर ध्यानचंद का 3 दिसम्बर, 1979 को नई दिल्ली में देहांत हो गया।

देवानंद (धर्मदेव आनंद) का जन्म 26 सितंबर, 1923 मे पंजाब के गुरदासपुर प्रांत मे हुआ । देवानन्द जी भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता और निर्माता-निर्देशक जो जीवन भर सक्रिय और चर्चित रहे।वे बॉलीवुड में 'देव साहब' के नाम से एक ज़िन्दादिल और भले इंसान के रूप में प्रसिद्ध थे। देव आनंद का नाम हिंदी सिने जगत के आकाश में स्टाइल गुरु बनकर जगमगाता है। सदाबहार अभिनेता देव आनंद को लोग 'एवरग्रीन देव साहब' कह कर पुकारते हैं। सदाबहार देवानंद का जलवा अब भी बरक़रार है। उनकी प्रसिद्ध फिल्मों मे - गाइड, हम दोनों, बाज़ी, काला बाज़ार, असली नक़ली, ज्वेलथीफ़, जॉनी मेरा नाम आदि हैं । उन्हे दो बार फ़िल्म फ़ेयर पुरस्कार, पद्म भूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया ।

छह दशक से अधिक समय तक रुपहले परदे पर राज करने वाले देवानंद साहब का 88 वर्ष की उम्र हृदयगति रुक जाने से 3 दिसम्बर 2011 को लंदन मे देहावसान हुआ।

लांस नायक अल्बर्ट एक्का का जन्म 27 दिसम्बर, 1942 मे झारखंड के गुमला जिला के डुमरी ब्लाक के जरी गांव में हुआ था। ये रांची, झारखण्ड (तत्कालीन बिहार) के निवासी थे। 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में दुश्मनों के दाँत खट्टे करते हुए वह शहीद हो गए। इन्हें मरणोपरान्त सर्वोच्च सैनिक सम्मान परमवीर चक्र प्रदान किया गया। वे एकमात्र बिहारी थे, जिन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया है। एल्बर्ट एक अच्छे योद्धा के साथ साथ हॉकी के भी अच्छे खिलाड़ी थे।

3 दिसम्बर 1971 मे गंगासागर, बांग्लादेश मे पाकिस्तान के खिलाफ लड़ते हुए ये वीरगति को प्राप्त हुए ।


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