Friday, 19 December 2014

आज है काकोरी कांड के शहीदो को याद करने का दिन

काकोरी कांड

क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में 10 लोगों ने सुनियोजित कार्रवाई के तहत 9 अगस्त, 1925 को उत्तर प्रदेश में लखनऊ के पास स्थित काकोरी नामक स्थान पर रेल विभाग द्वारा ले जाई जा रही संगृहीत धनराशि को लूटा लिया । उन्होंने ट्रेन के गार्ड को बंदूक की नोक पर काबू कर लिया। गार्ड के डिब्बे में लोहे की तिज़ोरी को तोड़कर आक्रमणकारी दल चार हज़ार रुपये लेकर फरार हो गए। इस डकैती में अशफाकउल्ला, चन्द्रशेखर आज़ाद, राजेन्द्र लाहिड़ी, सचीन्द्र सान्याल, मन्मथनाथ गुप्त, रामप्रसाद बिस्मिल आदि शामिल थे।

राम प्रसाद 'बिस्मिल' शहीदी दिवस

राम प्रसाद 'बिस्मिल' भारत के महान स्वतन्त्रता सेनानी, कवि, शायर, अनुवादक, बहुभाषाविद् व साहित्यकार जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिये अपने प्राणों की आहुति दे दी। 'काकोरी कांड' के सिलसिले में 19 दिसम्बर, 1927 ई. को राम प्रसाद 'बिस्मिल' को फांसी की सजा दी गयी।






अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ शहीदी दिवस

हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रबल पक्षधर अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ को आज ही के दिन यानि 19 दिसम्बर को 'काकोरी कांड' के सिलसिले में (19 दिसम्बर, 1927 ई. को) उन्हें फैजाबाद जेल में फाँसी पर चढ़ा दिया गया। अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ ऐसे पहले मुस्लिम थे, जिन्हें षड्यंत्र के मामले में फाँसी की सज़ा हुई थी।






ठाकुर रोशन सिंह शहीदी दिवस

यद्यपि ठाकुर रोशन सिंह ने 'काकोरी काण्ड' में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लिया था, फिर भी 'काकोरी काण्ड' के अंतर्गत सरकारी खजाना के लूट के लिए ठाकुर रोशन सिंह को भी दोषी करार दिया गया और डकैती के सूत्रधार रामप्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ के साथ उन्हें भी 19 दिसम्बर, 1927 ई. को फ़ाँसी की सज़ा दे दी गई।

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