Wednesday, 3 December 2014

भोपाल गैस त्रासदी के 30 साल

भारत के मध्य प्रदेश राज्य के भोपाल शहर मे (2 दिसम्बर की मध्यरात्रि) या यूं कहें 3 दिसम्बर सन् 1984 को एक भयानक औद्योगिक दुर्घटना हुई। भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड नामक कंपनी के कारखाने से टैन्क इ-610 मे पानी का रिसाव हो जाने के कारण अत्यन्त ग्रीष्म व दबाव पैदा हो गया और टैन्क का अन्तरूनी तापमान २०० डिग्री के पार पहुंच गया जिसके बाद विषैली गैस का रिसाव वातावरण मे हो गया। 45-60 मिनट के अन्तराल मे लगभग 30 मेट्रिक टन गैस का रिसाव हो गया। ये विषैली गैसें दक्षिण पूर्वी दिशा मे भोपाल पर उड़ीं। वातावरण में गैसों के बादल बने जिनमे फोस्जीन, हायड्रोजन सायनाइड, कार्बन मोनो-ऑक्साइड, हायड्रोजन क्लोराइड आदि गैस थीं ।

इस ज़हरीली गैस के रिसाव के कारण लगभग 15000 से अधिक लोगो की जान गई तथा लोग अनेक तरह की शारीरिक अपंगता और अंधेपन के भी शिकार हुए। इस दुर्घटना को भोपाल गैस कांड या भोपाल गैस त्रासदी के नाम से जाना जाता है।

भोपाल गैस काण्ड में मिथाइलआइसोसाइनाइट (मिक) नामक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। जिसका उपयोग कीटनाशक बनाने के लिए किया जाता था। भोपाल गैस त्रासदी को लगातार मानवीय समुदाय और उसके पर्यावास को सबसे ज़्यादा प्रभावित करने वाली औद्योगिक दुर्घटनाओं में गिना जाता है ।

इस त्रासदी से जुड़ी कुछ तस्वीरे आज भी आपकी रूह कंपा देंगी -




आज भोपाल गैस त्रासदी को तीस साल हो गए हैं लेकिन 30 सालो बाद भी प्रभावित लोगो को न्याय नहीं मिल सका । 

No comments:

Post a Comment