Friday, 7 November 2014

बर्दवान विस्फोट कांड और एनआईए की जांच

दो अक्तूबर को पश्चिम बंगाल के बर्दवान के छोटे से कस्बे में आतंकियों की छोटी सी चूक से हुए धमाके ने आतंक के नए माड्यूल का पर्दाफाश किया है। मामले की जांच कर रही नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) मिली जानकारी के अनुसार यह संगठन पिछले पांच साल से अति गुप्त तरीके से चलाया जा रहा था । यदि दो अक्टूबर को बम बनाते समय विस्फोट नहीं हुआ होता तो शायद इस गिरोह से पर्दा भी नहीं उठ पाता। आतंकियों के तार सीमा पार बांग्लादेश के साथ-साथ असम, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र व तमिलनाडु तक छह राज्यों से जुड़े थे। असम पुलिस ने गिरोह के छह आतंकियों को गिरफ्तार कर इसकी पुष्टि भी कर दी है।

देश में आतंकवाद का यह मॉड्यूल 20- 30 साल के युवाओं को नहीं बल्कि अधेड़ उम्र के शादीशुदा जोड़ो को तवज्जो देता है। इस मॉड्यूल में महिलाओं की संख्या पुरुषों के बराबर है । इनका काम खदानों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक को गैरकानूनी तरीके से हासिल कर ऑर्डर पर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) व अन्य विस्फोटक तैयार कर धमाके के लिए बांग्लादेश और देश के भीतर फैले आतंकियों को सप्लाई करना था। एनआईए के अनुसार आरोपी और उसके साथी आतंकवादीयों का बांग्लादेश में प्रतिबंध संगठन हरकत-उल-जेहाद-ए-इस्लामी (हूजी) से संबंध है जो जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी)के नाम से काम करती है । इस मॉड्यूल की जड़ पश्चिम बंगाल के दूरदराज के इलाकों तक फैली हुई है। आतंकियों की तैयारी बांग्लादेश के साथ साथ भारत में बड़े पैमाने पर धमाके की थी।

बर्दवान धमाके मे दो व्यक्तियों- शकील अहमद और सुवोन मंडल उर्फ सुभान की देशी बम बनाते हुए मौत हो गई। दोनों ही बांग्लादेश के रहने वाले थे। एक व्यक्ति अब्दुल हकीम उर्फ हसन घायल हुआ था। अब्दुल और दो महिलाओ समेत चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं। बर्दवान की अदालत ने धमाके में घायल हुए अब्दुल हकीम को इलाज के बाद दस दिनों की रिमांड पर एनआईए को सौंप दिया है। एनआईए सूत्रों के मुताबिक हकीम की पत्नी आलीमा बीबी एनआईए की गिरफ्त में है। इसके साथ एक और महिला रजिया बीबी भी गिरफ्तार की जा चुकी है।

आतंकी अब्दुल हकीम से पूछताछ
हिरासत में सौंपे जाने के बाद आतंकी अब्दुल हकीम ने बताया कि खागरागढ़ बनी आतंकी लैब में अतिघातक रॉकेट लांचर तैयार किए जाते थे। पूरी तरह तैयार एक रॉकेट लांचर का परीक्षण भी किया गया था। उसने बताया कि आतंकी साजिद व नसीरुल्ला की मौजूदगी में मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में हुआ यह परीक्षण पूरी तरह सफल भी रहा था। इसके अलावा खतरनाक बम से लेकर रासायनिक हथियार बनाने तक के साजो सामान जांच एजेंसी ने एकत्र किए थे। आतंकी लैब से एक लेथ मशीन भी मिली थी, जिसका उपयोग आतंकी गतिविधियों में होता था।

एनआइए और एनएसजी जांच
बर्दवान विस्फोट कांड की जांच कर रही एनआइए की टीम को खगड़ागढ़ से 500 मीटर दूर बादशाही रोड स्थित रेजाउल शेख के ठिकाने से हथियारों व विस्फोटकों का जखीरा मिला है इनमें बम व हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। खगड़ागढ़ विस्फोट के दौरान घायल अब्दुल हकीम के हाथ पर रेजाउल शेख का नंबर मिला था। विस्फोट के बाद हकीम ने रेजाउल शेख को फोन कर भाग जाने की बात कही थी। एसएसकेएम अस्पताल में भरती हकीम ने पूछताछ के दौरान इसका खुलासा किया है। हकीम की सूचना के बाद ही एनआइए की टीम पहले खगड़ागढ़ पहुंची, उसके बाद बादशाही रोड स्थित रेजाउल शेख के ठिकाने पहुंची। वहां तलाशी के दौरान टीम को एक बाथरूम मिला, जिसमें कोठरी थी। उसका दरवाजा छोटा था, ताकि कोई घुस न सके। एनआइए को विस्फोटक होने का संदेह हुआ। स्नीफर डॉग के साथ तलाशी के दौरान एनएसजी की टीम ने लगभग 60 हाथ ग्रेनेड व कई बम बरामद किये। पूरे इलाके को एनएसजी,एनआइए व स्थानीय पुलिस ने घेर लिया है।

एनआइए और एनएसजी द्वारा मंगलकोट थाने के सिमुलिया व कृष्णाबाटी गांवों में स्थित मदरसों की जांच मे मदरसे के एक कमरे से 25 बोतलों में रखे केमिकल, डायरी, रिमोट कंट्रोल घड़ी, तार के टुकड़े तथा विस्फोट में उपयोग की गयी चीजें बरामद की गयीं। मदरसा के पीछे दो तालाबों, कुआं व झोपड़ी में भी तलाशी अभियान चला। बिचाली के ढेर में छिपा कर रखे गये दो टेप रिकॉर्डर व लाल रंग की डायरी जब्त की गयी है।

खगडागढ़ के माटपाड़ा में संदिग्ध आतंकी कौशर के आवास में भी जांच की गयी। मकान मालिक शेख रिजाउल से भी पूछताछ की गयी। आतंकियों द्वारा गाँव मे खरीदी गयी 25 कट्ठे जमीन के बारे में पूछताछ की गई । संदिग्ध व फरार आतंकी शेख यूसुफ के दो भाई शेख बानी व शेख नजरूल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया । बर्दवान जिला मुख्यालय में स्थित बाबूरबाग में संदिग्ध आतंकी कौशर के ठिकाने पर भी जांच की गयी जहां से कई साक्ष्य मिले। स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ की गयी। जांच टीम ने आउसग्राम से संदिग्ध आतंकी शेख मासूम को हिरासत में लिया, उसके पास से बिना नंबर की बाइक जब्त की गयी। शेख माशूक का संबंध कौशर से था, उसके घर की भी तलाशी ली गयी है। मुर्शिदाबाद में संदिग्ध आतंकी शकील गाजी की दुकान की भी जांच की गयी। शेख नसीरुल्लाह का नाम आने के बाद उसे भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। फरार कादिर के ननिहाल बेलडांगा स्थित उसके मामा के घर में भी तलाशी की गयी, वहां से उसकी बाइक बरामद की गया । जांच में तेजी आने की खबर मिलने के बाद वह फरार हो गया। अबूल कलाम के ससुराल में भी तलाशी की गयी। कीर्णाहार स्थित शेख हबीबुल तथा उसके मित्र शेख सुनुर के घर भी तलाशी की गयी ।

एनआईए की टीम ने जांच के दौरान पिछले कुछ दिन में बर्धवान जिले से बड़ी संख्या में किताबें और दस्तावेज, 12 बक्से और एक कार जब्त की है।

बर्दवान धमाके में की जांच कर रही एनआईए ने मामले के एक दर्जन फरार आरोपियों पर 77 लाख रुपये का इनाम रखा है। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि फरार आरोपियों में से 5 पर 10-10 लाख, 3 पर 5-5 लाख और 4 पर 3-3 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। जिन 5 आरोपियों पर 10-10 लाख के इनाम घोषित किए गए हैं, उनमें साजिद, नसीरुल्ला, युसूफ शेख, कौसर और ताल्हा शेख शामिल हैं। एनआईए को संदेह है कि साजिद, नसीरुल्ला, कौसर और ताल्हा बांग्लादेशी हैं। ताल्हा ने नदिया के देवग्राम और बीरभूम के कीर्णाहार में दो घर किराए पर लिए थे। साजिद को आतंकियों की बर्दवान शाखा का प्रमुख माना जा रहा है। उसने मुर्शिदाबाद के लालगोला में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे मकीमनगर के एक मदरसे को अपना अड्डा बना रखा था। नसीरुल्ला को आईइडी एक्सपर्ट माना जाता है। आईइडी बनाते समय विस्फोट होने से उसका दाहिना हाथ उड़ गया था। युसूफ ने बर्दवान में सिमुलिया मदरसे की स्थापना की थी। एनआईए अधिकारियों के अनुसार वह आतंकियों के बीच समन्वय का काम करता था। युसूफ की पत्नी आयशा भी फरार है। बर्दवान कांड की जांच में अब बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवान भी केंद्रीय एजेंसी की मदद करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रो में जांच के दौरान गांववालों के हमले से केंद्रीय जांच एजेंसियों को बचाने व जांच में तेजी लाने के लिए यह कदम उठाया गया है क्यूंकी बीएसएफ के जवानों को गांववालों से निपटने का अनुभव है इस कारण ही बीएसएफ के जवानों को यह निर्देश दिया गया है ।


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