Tuesday, 4 November 2014

भारत के खिलाफ श्री लंका और चीन का साथ

चीन आए दिन लद्दाख में घुसपैठ करने के साथ ही समुद्री रास्ते से भी भारत को घेरने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक चीन के इस नए प्लान में श्रीलंका उसका साथ दे रहा है।

सितंबर में ही चीनी नेवी की एक पनडुब्बी के कोलंबो बंदरगाह पर लंगर डालने के बाद अब एक और पनडुब्बी भी यहां डेरा डालने वाली है। भारत की चिंताओं के बावजूद श्रीलंका सरकार ने चीन की इस दूसरी पनडुब्बी को अपने बंदरगाह पर डेरा डालने की इजाजत दी जो इस बात की ओर इशारा करता है कि बांग्लादेश के बाद अब श्रीलंका भी भारत के खिलाफ चीन की मदद कर रहा है ।

अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट मे चीनी पनडुब्बियों के बेड़े को क्षेत्र में बड़ी चुनौती समझा जा रहा है और श्रीलंकाई बंदरगाहों पर इनकी मौजूदगी भारत के लिए खतरे को और बढ़ा रही हैं। वर्ष 2005 में महिंदा राजपक्षे को राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से ही श्रीलंका में चीन का इन्फ्रास्ट्रक्चर और गतिविधियां दोनों ही बढ़ी हैं।

सितंबर में भारत को श्रीलंका के बीच 'पाक स्ट्रेट' (भारत-श्रीलंका को जोड़ने वाला गलियारा) में चीनी पनडुब्बी की मौजूदगी ने भारत सरकार की चिंताएं भी बढ़ा दी थीं। इसे लेकर भारत ने इसी महीने की शुरुआत में श्रीलंका के रक्षा सचिव के सामने नाराजगी जाहिर की थी, जिसके बाद श्रीलंका में चीन की दूसरी पनडुब्बी के लंगर डालने की खबर सामने आई है। चीनी पनडुब्बियों का बेड़ा डीजल और न्यूक्लियर यंत्रचालित है जो चीन सेना की बेहद आक्रामक शक्ति को दर्शाता है साथ ही इससे 3 बलिस्टिक मिसाइल भी दागी जा सकती हैं।

No comments:

Post a Comment