Monday, 3 November 2014

फिदायींन ने कैसे दिया पाक बार्डर पर हमले को अंजाम

इस्लामाबाद: वाघा बार्डर के नजदीक पाकिस्तान की ओर रविवार को हुए भीषण आत्मघाती हमले में कम से कम 55 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 11 महिलाएं और 3 पाकिस्तानी रेंजर्स भी शामिल हैं। 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के अलावा भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना की पुरजोर निंदा की है। यह हमला उस वक्त हुआ, जब सैकड़ों लोग पाकिस्तान रेंजर्स की फ्लैग सेरेमनी देखकर वापस लौट रहे थे। पाकिस्तानी पुलिस के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर की उम्र 20 के आसपास की थी । वह अपने साथ करीब 20 से 25 किलो विस्फोटक लाया था। इसमें से कुछ विस्फोटक उसने अपने जैकेट के अंदर छिपा रखा था। पंजाब रेंजर्स के महानिदेशक खान ताहिर खान ने बताया, 'परेड लेन की ओर जाने वाले मुख्य गेट में प्रवेश करने में विफल रहने पर आत्मघाती हमलावर ने 500-600 मीटर की दूरी पर खुद को उड़ा दिया। गेट पर मौजूद तीन रेंजर्स मारे गए जबकि पांच अन्य गंभीर रुप से घायल हो गए ।'

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट और पाकिस्तानी तालिबान की धमकियों के मद्देनजर बीएसएफ ने पाक सीमा पर सुरक्षा पहले ही काफी कड़ी कर रखी थी। अब इस हमले के बाद पाकिस्तान से सटी सीमा के सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है।

पिछले वर्ष सितंबर में पेशावर में एक चर्च पर आत्मघाती हमले के पीछे जिम्मेदार समूह अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी समूह जनदुल्लाह ने हमले की जिम्मेदारी ली है। वहीं तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के लड़ाकू दस्ते के प्रवक्ता अहमद मारवात ने कहा कि यह हमला सेना के जर्ब-ए-अज्ब और वजीरिस्तान अभियान के जवाब में किया गया है । हालांकि जमात उल अहरार गुट ने कहा कि उन्होंने यह हमला किया है।

No comments:

Post a Comment