Thursday, 27 November 2014

आज है इन हस्तियों को याद करने का दिन

जन्मदिन

हरिवंश राय बच्चन : हिन्दी भाषा के प्रसिद्ध कवि और लेखक हरिवंशराय बच्चन का जन्म 27 नवंबर, 1907 मे इलाहबाद मे हुआ । इनकी मुख्य रचनाएँ मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, तेरा हार, निशा निमंत्रण, मैकबेथ, जनगीता, दो चट्टाने रहीं लेकिन इनको प्रसिद्धि इनकी कृति 'मधुशाला' के लिये अधिक मिली । हरिवंश राय बच्चन को उनकी कृति 'दो चट्टाने' को 1968 में 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था। उन्हें 'सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार' तथा एफ्रो एशियाई सम्मेलन के 'कमल पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया। बिड़ला फाउन्डेशन ने उनकी आत्मकथा के लिये उन्हें 'सरस्वती सम्मान' दिया था। हरिवंश राय बच्चन को भारत सरकार द्वारा सन् 1976 में साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया था। 18 जनवरी, 2003 मे इनका निधन हो गया ।

गणेश वासुदेव मावलंकर एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और भारत की लोकसभा के प्रथम अध्यक्ष थे। इन्हें 'दादा साहेब' के नाम से भी जाना जाता है। इनका जन्म 27 नवम्बर, 1888 ई. को बड़ोदरा में हुआ था। अपनी शिक्षा पूर्ण करने के बाद इन्होंने अहमदाबाद से अपनी वकालत प्रारम्भ की थी। स्वतंत्रता के पश्चात इन्हें सर्वसम्मति से लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया था। इनका कई भाषाओं पर एकाधिकार था। वासुदेव मावलंकर ने अनेक ग्रन्थों की भी रचना की है। वासुदेव मावलंकर के विचारों पर श्रीमद्भागवदगीता का बड़ा प्रभाव था। भारत की इस महान विभूति का 27 फ़रवरी, 1956 ई. को निधन हो गया।

काशी प्रसाद जायसवाल का जन्म 27 नवम्बर, 1881 को मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश मे हुआ । ये भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार एवं साहित्यकार थे। ये इतिहास तथा पुरातत्त्व मे इन्हे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त थी । जायसवाल 'काशी नागरी प्रचारिणी सभा' के उपमंत्री भी थे । रिसर्च जनरल' तथा 'पाटलीपुत्र' नामक के पत्रों का भी इन्होने सम्पादन किया था। 'पटना संग्रहालय' की स्थापना में इनका महत्त्वपूर्ण योगदान था। इतिहास और मुद्रा विषयक अनेक सम्मेलनों की अध्यक्षता काशी प्रसाद जी ने की थी। भारत के इस प्रसिद्ध इतिहासकार का निधन 4 अगस्त, 1937 को हुआ।

पुण्यतिथि

विश्वनाथ प्रताप सिंह का जन्म 25 जून, 1931 को उत्तर प्रदेश मे हुआ । राजीव गांधी सरकार के पतन के कारण विश्वनाथ प्रताप सिंह आम चुनाव के माध्यम से 2 दिसम्बर, 1989 को भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। । सिंह बेहद महत्त्वाकांक्षी होने के अतिरिक्त कुटिल राजनीतिज्ञ भी कहे जाते हैं। वी. पी. सिंह गुर्दों की बीमारी से पीड़ित रहे। 27 नवम्बर, 2008 को 77 वर्ष की अवस्था में वी. पी. सिंह का निधन दिल्ली के 'अपोलो हॉस्पीटल' में हो गया।

सुल्तान ख़ान का जन्म 15 अप्रैल, 1940 मे जयपुर मे हुआ । ये भारत के प्रसिद्ध सारंगी वादक और शास्त्रीय गायक थे। वे 'इन्दौर घराना' से सम्बन्धित थे। उन्हें देश में सारंगी को पुनर्जीवित करने का श्रेय दिया जाता है। सारंगी के उस्ताद और हृदय को छूने वाले 'पिया बसंती रे' तथा 'अलबेला सजन आयो रे' सरीखे गीतों को अपनी आवाज़ देने वाले उस्ताद सुल्तान ख़ान को हिन्दी संगीत जगत में विशेष सम्माननीय दर्जा प्राप्त है। उन्हें भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्मभूषण' से वर्ष 2012 में सम्मानित किया गया था। शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में अपनी ख़ास पहचान बनाने वाले और सारंगी को विशेष प्रसिद्धि दिलाने वाले उस्ताद सुल्तान ख़ान का 27 नवम्बर, 2011 को मुम्बई, महाराष्ट्र में निधन हुआ।

शिवमंगल सिंह 'सुमन' का जन्म 5 अगस्त, 1915 मे उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले मे हुआ । हिन्दी के शीर्ष कवियों में से एक थे। उन्हें सन् 1999 में भारत सरकार ने साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। इनकी मुख्य रचनाएँ / काव्य संग्रह हैं - हिल्लोल, जीवन के गान, युग का मोल, मिट्टी की बारात, गद्य रचनाएँ- महादेवी की काव्य साधना, गीति काव्य: उद्यम और विकास । सुमन जी की मृत्यु 27 नवंबर 2002 को उज्जैन, मध्य प्रदेश मे हुई ।

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